Monday, December 31, 2018

सोशल मीडिया से अपील- संदिग्धों की पहचान के लिए फोटो डीएनए तकनीक इस्तेमाल करें

निजता और निगरानी के अधिकारों को लेकर बहस के बीच सीबीआई ने एक नोटिस जारी किया है। जांच एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से कहा है कि सामान्य आपराधिक मामलों की जांच के लिए वे माइक्रोसॉफ्ट की बनाई फोटो डीएनए तकनीक का इस्तेमाल करें। सीबीआई कुछ संदिग्धों की पहचान करना चाहती है। यह अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन होगा, क्योंकि इस तकनीक का इस्तेमाल खासतौर पर बाल शोषण करने वाली तस्वीरों की पहचान के लिए किया जाता है।

इसी महीने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सीबीआई ने सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस जारी किया। नोटिस के साथ कुछ तस्वीरें भी भेजी गई हैं। सीबीआई ने कहा- आपसे अनुरोध है कि कुछ तस्वीरों की जांच के लिए आप फोटोडीएनए तकनीक का इस्तेमाल करें। तस्वीरें नोटिस के साथ भेजी गई हैं। जांच के लिए यह जानकारी हमें तत्काल चाहिए। इसका मतलब यह है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपने सर्वर पर सभी तस्वीरों की जांच के लिए खोजबीन करें।

सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्हें (सीबीआई) फोटो डीएनए सॉफ्टवेयर के चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों से अलग इस्तेमाल को लेकर भारत में किसी प्रतिबंध की जानकारी नहीं है। हालांकि, सीबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अनुरोध किया है, यह उन कंपनियों के ऊपर है कि वह संदिग्धों की खोज के लिए इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती हैं या नहीं।

नोटिस पर बहस की आशंका
सुप्रीम कोर्ट ने निजता को मौलिक अधिकार माना है। सीबीआई का यह नोटिस इस अधिकार का उल्लंघन माना जा सकता है, क्योंकि किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सभी यूजर्स को निगरानी के तहत नहीं डाला जा सकता है। इनमें वह यूजर भी शामिल हैं, जो ना तो कभी संदिग्ध रहे और ना ही उन पर आरोप लगा। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर अपार गुप्ता ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा- सामान्य अपराध में इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल इस तकनीक के मकसद का उल्लंघन है, क्योंकि इसका इस्तेमाल चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों में किया जाता है। यह निगरानी और नियंत्रण में भारी खामी है।

यूरोपियन यूनियन बैन करना चाहती है फोटो डीएनए

यूरोप में फोटो डीएनए सॉफ्टवेयर को लेकर बहस छिड़ी है। यूरोपियन यूनियन में निजता नियामक कोशिश कर रही है कि सोशल मीडिया कंपनियों में इस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर दिया जाए। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि सॉफ्टवेयर बाल यौन शोषण के मामलों की पहचान के लिए अपने आप ही अरबों तस्वीरों की जांच करता है। ट्विटर, माइक्रोसॉफ्ट, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफार्म पर इसका इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा, जबकि यह चरमपंथी कंटेंट और मैसेजों को भी ब्लॉक कर सकता है।

फोटो डीएनए एक तकनीक है, जिसे माइक्रोसॉफ्ट ने डेवलप किया है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी को रोकने के लिए किया जाता है। माइक्रोसॉफ्ट इसे अपनी सर्विस बिंग और वन ड्राइव में इस्तेमाल करता है। हालांकि, ट्विटर, यूट्यूब, और फेसबुक इस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देते हैं।

Monday, December 17, 2018

ग्रेटर नोएडा में पार्किंग विवाद: तीन लोगों को मारी गई गोली, एक की मौत

ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र में पार्किंग को लेकर विवाद हो गया. चंदनपुर गांव में देर रात हरियाणा से आई एक बारात में कुछ युवकों ने गांव के बाहर सड़कों पर आड़ी तिरछी गाड़ी खड़ी कर दी. इसका विरोध करने पर दबंगों ने गांव के तीन लोगों को गोली मार दी और फरार हो गए.

गोली मारने की बात जैसे ही गांव में फैली सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और इसकी सूचना पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों घायलों को  नजदीक के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने घायल जगमोहन को मृत घोषित कर दिया. वही दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है.

पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि गोली लाइसेंसी बन्दूक से चलाई गई या फिर अवैध से यह तो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पता चल पाएगा. फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम बना दी गई है.

बता दें, कुछ दिन पहले ही ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र में हर्ष फायरिंग के दौरान एक 15 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी. इसके बावजूद भी पुलिस के आला अधिकारियों ने शादी समारोह में हथियार लहराने और फायरिंग करने वाले लोगों के खिलाफ कोई सख्त कार्यवाही नहीं की. इसके चलते इस तरह की वारदातें बढ़ती जा रही है.

मुंह बंद रखने की धमकी

आरोप है कि सुलेखा ने नाबालिग को नवादा के विधायक राजबल्लभ के हवाले कर दिया. विधायक ने उसके साथ रेप किया. लड़की को सात फरवरी को बिहारशरीफ में उसके घर छोड़ दिया गया और उसे मुंह बंद रखने की धमकी दी गई. थाने में मामला दर्ज होने के बाद से विधायक राजबल्लभ यादव फरार हो गए थे. एक महीने के बाद सरेंडर किया था.

सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था

इस मामले में 30 सितंबर को पटना उच्च न्यायालय ने राजबल्लभ को जमानत दी थी. इसके बाद विधायक की जमानत रद्द करने के लिए बिहार सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. मामला दर्ज होने के बाद राजद ने नवादा क्षेत्र से विधायक राजबल्लभ को पार्टी से निलंबित कर दिया था. फिलहाल इस मामले में वे जेल में बंद थे.

经中央军委主席习近平批准 军队支援湖北医疗队圆满完成任务回撤

  新华社武汉4月16日电 伴随武汉解封, 色情性&肛交集合 中国的新冠肺炎疫 色情性&肛交集合 情似乎正在告 色情性&肛交集合 一段落,人们的 色情性&肛交集合 生活逐渐恢复正常。 色情性&肛交集合 但一本关于 色情性&肛交集合 关于中国疫情的书 色情性&肛交集合 籍却在网络...